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jeevan mein ham kaee baar doosaro se nahin apane aap se ladate hai

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Chapter 1 - jeevan mein ham kaee baar doosaro se nahin apane aap se ladate hai

jeevan mein ham kaee baar doosaro se nahin apane aap se ladate hai

apane aap kee soch kee taakat se ladate hai

khud ke dar se ladate hai

hamaare bheetar ke buraee se ladate hai

apane toot te vishvaas se ladate hai

kaee kahee baato se to kaee an kahee baato se ladate hai

jeevan hai ye bhool jaate hai

yaha doosaro se pahale khud se ladana hota hai

apane andar kharaab soch pe kaaboo karana jarooree hai

varana ham achchhe kaam nahin kar paege

doosaro se nahin khud ke andar chuppee huee nakaraatmak soch ko sakaaraatmak soch se lad kar skaaraatmak soch vijay kar.. jeevan mein vijay hona hai! हमारे जीवन में कई लोग आते हैं और चले जाते हैं। हमें हर व्यक्ति को अपने जीवन का स्थायी हिस्सा मानने की गलती नहीं करनी चाहिए। जब हम लोगों की बातों, व्यवहार, या निर्णयों को बहुत गंभीरता से लेते हैं, तो हम अपने मन पर अनावश्यक तनाव डालते हैं। हमें किसी की Criticism या rejection को Personally लेने की बजाय, इसे उनके point of view या result of the circumstance मानना चाहिए, यह दृष्टिकोण हमें दूसरों की अपेक्षाओं या विचारों से मुक्त करता है।

जीवन एक यात्रा है, और इस यात्रा में लोग अलग-अलग चरणों में हमारे साथ होते हैं। समय के साथ हमारी प्राथमिकताएं, लक्ष्य, और परिस्थितियां बदलती हैं। जो लोग आज आपके लिए महत्वपूर्ण हैं, हो सकता है कि भविष्य में वे आपके जीवन के केंद्र में न रहें और यह स्वाभाविक है। हमें केवल उन रिश्तों में समय और ऊर्जा लगाए जो long term में हमारे लिए मायने रखते हैं। जीवन में हर व्यक्ति, हमें कुछ न कुछ सिखाता है। मानें की वो कुछ सिखाने ही आते हैं। उनके योगदान को accept करें और बिना कड़वाहट के आगे बढ़े। उनका आभार व्यक्त करें, यहाँ तक कि toxic लोग भी आपको ये सिखाकर जाते हैं कि किन्हें दूर रखना है। ठेस पहुंचाने वालो को हो सके तो क्षमा करें और आगे बढ़े। अपने विकास, लक्ष्यों, और मूल्यों पर केंद्रित रहें। हम अक्सर लोग क्या सोचेंगे? या उन्हें मेरी फिक्र क्यों नहीं? जैसे सवालों में उलझ जाते हैं, पर सच यही है कि 90% लोग आपकी लाइफ में टेम्पररी हैं। लोगों के व्यवहार से दुखी होने की बजाय, ये समझें कि वे आपकी स्टोरी का Cameo हैं, मुख्य किरदार नहीं। 5-5-5 Rule अपनाएँ- क्या ये 5 दिनों में मायने रखेगा?क्या 5 महीने बाद भी याद रहेगा?क्या 5 साल बाद मेरी लाइफ पर इसका कोई असर होगा? जवाब अगर नहीं है, तो उसे इग्नोर कर दें। हर रिश्ते को एक अकाउंट समझें। जो लोग आपकी भावनाओं में निवेश करते हैं, उन्हें प्राथमिकता दें। जो केवल निकालते हैं, उन्हें लोन-एकाउंट की तरह हैंडल करें।

याद रखें:आपकी जिंदगी एक किताब है, और लोग सिर्फ पन्ने हैं। कुछ पन्ने पलटेंगे, कुछ फटेंगे, पर कहानी आपकी है। लोगों को उतना ही स्पेस दें, जितना वे आपकी जिंदगी में value add करते हैं। बाकियों को thank you, next कहने का हौसला रखें।👍💐